शांतिदूत

बाबू के फ़ुटबाल गेम के दौरान वेलम्मा हताश अंशुल से मिलती है जिसका हाल ही में अपनी गर्लफ्रेंड   से ब्रेकअप हुआ है. वेलम्मा अच्छे से जानती है उसे कैसे खुश करना है, जिसके लिए वो उसे लाकर रूम में ले जाती है और दोनों मौज करते हैं लेकिन वहां वो बाबू के द्वारा रेंज हाथों पकडे जाते हैं. इससे पहले कि दोनों अपनी आंटी को लेकर लड़ें व एक दुसरे को हानि पहुचाएं वेलम्मा उनके बीच शांति स्थापित करा देती है.

बाबू के फ़ुटबाल गेम के दौरान वेलम्मा हताश अंशुल से मिलती है जिसका हाल ही में अपनी गर्लफ्रेंड   से ब्रेकअप हुआ है. वेलम्मा अच्छे से जानती है उसे कैसे खुश करना है, जिसके लिए वो उसे लाकर रूम में ले जाती है और दोनों मौज करते हैं लेकिन वहां वो बाबू के द्वारा रेंज हाथों पकडे जाते हैं. इससे पहले कि दोनों अपनी आंटी को लेकर लड़ें व एक दुसरे को हानि पहुचाएं वेलम्मा उनके बीच शांति स्थापित करा देती है.